मनोरंजन का नया क्रेज ‘वीडियो स्ट्रीमिंग’ : जाने क्या होती है !

मनोरंजन का माध्यम अब सिनेमाघरों व टैलीविजन से होते हुए औनलाइन प्लेटफौर्म्स तक पहुंच चुका है. मोबाइल और लैपटौप पर वीडियो स्ट्रीमिंग वैबसाइट्स व ऐप्स मनचाही फिल्में व टीवी कंटैंट मुहैया करवा रही हैं.

नैटफिल्क्स पर प्रसारित वैब सीरीज ‘सेक्रेड गेम्स’ इन दिनों सुर्खियों में है. यह जुलाई में रिलीज हुई. इस की लोकप्रियता इस कदर बढ़ी कि सोशल मीडिया पर चारों तरफ इसी के चर्चे हो रहे हैं. सेके्रड गेम्स विक्रम चंद्रा के उपन्यास पर आधारित है. इस सीरीज को अनुराग कश्यप और विक्रमादित्य मोटवाले ने डाइरैक्ट किया है. इस गैंगस्टर थ्रिलर में नवाजुद्दीन सिद्दीकी, राधिका आप्टे और सैफ अली खान मुख्य भूमिका निभा रहे हैं.

सुपरहिट फिल्म ‘बाहुबली’ के दोनों पार्ट्स ने देशविदेश में जम कर कमाई की. इस की कहानी और कलाकार दोनों को काफी पसंद किया गया. लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि बाहुबली की कहानी जहां से शुरू होती है, उस से पहले क्या हुआ था. अब यह स्पिन औफ नैटफ्लिक्स पर आने वाले बाहुबली के 2 सीजन में वैब सीरीज के जरिए दिखाया जाएगा.

दरअसल, नैटफ्लिक्स ने एक करार किया है, जिस के तहत वह ‘द राइज औफ शिवगामी’ नौवेल की कहानी को वैब सीरीज में दिखाएगा. यह 2015 में आया बाहुबली का प्रीक्वल है. एस एस राजामौली निर्देशित बाहुबली के 2 पार्ट्स ‘बाहुबली द बिगिनिंग’ और ‘बाहुबली द कन्क्लूजन’ में जो कहानी चलती है, उस से पहले की कहानी को शिवगामी यानी राजमाता को आधार बना कर लिखा गया है. नैटफ्लिक्स बाहुबली के पहले सीजन में 9 एपिसोड्स दिखाएगा. इस में बताया जाएगा कि एक पूरा शहर कैसे साम्राज्य में तबदील हुआ. इस के बाद इस का दूसरा पार्ट भी रिलीज होगा.

डिजिटल इंटरटेनमैंट

ये न फिल्में हैं न सीरियल, ये सब वैब सीरीज या वीडियो स्ट्रीमिंग डिजिटल इंटरटेनमैंट की मिसालें हैं जो दर्शकों, खासकर युवाओं का नया क्रेज है. आजकल आप को ज्यादातर नौजवान इयरफोन लगा कर वीडियो देखते हुए जरूर दिखते होंगे. आप को लगता होगा कि वे कोई फिल्म देख रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. वे फिल्म नहीं, वैब सीरीज देख रहे होते हैं. आज वैब सीरीज एंटरटेनमैंट के एक नए माध्यम के रूप में सामने आया है.

बड़े परदे पर फिल्म, छोटे परदे पर सीरियल और उस से छोटी स्क्रीन मतलब मोबाइल और लैपटौप पर फनी वीडियो देखे जाते हैं. जिन्हें वीडियो स्ट्रीमिंग भी कहा जाता है. वैसे, वीडियो स्ट्रीमिंग क्या होता है? आप यूट्यूब देखते हों या हौटस्टार या फिर आप ने अमेजन प्राइम देखा होगा, इन दिनों नैटफ्लिक्स का नाम तो सुन ही रहे होंगे. जी हां, यही सब वीडियो स्ट्रीमिंग कहलाते हैं.

अब आप के मन में एक सवाल उठ रहा होगा कि फिल्में तो सिनेमाघर से कमाई करती हैं. टीवी सीरियल्स विज्ञापन से कमाई करते हैं लेकिन ये वीडियो स्ट्रीमिंग कहलाने वाले सभी प्लेटफौर्म्स कमाई कैसे करते होंगे, तो इस का सीधा फंडा है कि हमें इन सभी प्लेटफौर्म्स पर सब्सक्रिप्शन लेना होता है. वैसे यूजर चाहे तो कुछेक प्लेटफौर्म्स का सब्सक्रिप्शन नहीं भी ले सकता है, लेकिन फिर उसे वीडियो के बीच में ऐड देखने पड़ते हैं.

यह है भी बिलकुल आसान और पोर्टेबल. अपने स्मार्टफोन पर ऐप डाउनलोड कीजिए और अपने लिए सब्सक्रिप्शन लीजिए. इसे सब्सक्रिप्शन कहिए या यों कहिए कि आप ने बिना किसी ऐड ब्रेक और सैंसर कट के फिल्म देखने के लिए अमुक कंपनी को एडवांस किराया दे दिया. लोग नैटफ्लिक्स के लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग का आनंद ले रहे हैं.

हम आज तक किसी फिल्म या नाटक को या तो अपने टीवी में देखते थे या सिनेमाहौल में या फिर सीडी, डीवीडी में. लेकिन अब इन के अलावा एक और तरीके से हम फिल्म सीरियल वगैरह देख सकते हैं. वह तरीका दिया है इंटरनैट ने. तरीके का नाम है वीडियो स्ट्रीमिंग. आज के समय में इन्हें वैब टैलीविजन कहा जाए तो गलत नहीं होगा. इन में एक कहानी को 5-10 एपिसोड में दिखाया जाता है और ये एपिसोड 15 से 45 मिनट के ही होते हैं, जिस वजह से उबाऊ भी नहीं लगते.

सिनेमा, टीवी बनाम डिजिटल

भारत में मनोरंजन की होड़ खासी दिलचस्प होती जा रही है. मुकाबला जारी है. मनोरंजन के 3 ्रप्रमुख माध्यमों सिनेमा, टीवी और नए उभरे डिजिटल में कांटे की टक्कर चल रही है. 8वें दशक में यह सवाल उठता था क्या टीवी या बुद्धूबक्सा सिनेमा को खा जाएगा? आज फिर सवाल उठ रहा है क्या डिजिटल टीवी को लील जाएगा? आखिर क्या है हकीकत?

फिक्की अंर्स्ट ऐंड यंग की मीडिया ऐंड एंटरटेनमैंट 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत यूएसए को पीछे छोड़ कर दूसरा सब से बड़ा स्मार्टफोन उपभोक्ता देश बन चुका है. पहला नंबर चीन का है. भारत में 50 करोड़ से ज्यादा इंटरनैटधारियों की औनलाइन सेना 2020 तक दुनिया का नंबर 2 औनलाइन वीडियो दर्शक बाजार बनने जा रहा है.

रिपोेर्ट के मुताबिक, टीवी माध्यम आज भी भारत में मनोरंजन क्षेत्र का निर्विवाद लीडर है. लेकिन, दिलचस्प तथ्य यह है कि बीते 2 और आगामी 3 सालों में सब से तेज विकास करने वाला माध्यम टीवी नहीं, डिजिटल मीडिया है. जिस की इन 5 सालों में तरक्की की गति 24.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इस से भी ज्यादा रोचक बात यह है कि मनोरंजन के क्षेत्र में डिजिटल माध्यम भारत के सब से चहेते मनोरंजन माध्यम सिनेमा को 2020 तक ओवरटेक करने वाला है.

रिपोर्ट के अनुसार, जिस गति से डिजिटल माध्यम तरक्की कर रहा है, सिनेमा उद्योग के 19 हजार 200 करोड़ रुपए के आंकड़े के मुकाबले 2020 में उस की संभावित कमाई 22 हजार 440 करोड़ रुपए होगी. 8वें दशक में आया टीवी समाज के लिए सिनेमा के मुकाबले ज्यादा नया माध्यम है. मगर पारिवारिक मनोरंजन का माध्यम होने के कारण मध्यवर्ग का चहेता माध्यम बन गया.

नैटफ्लिक्स का आगाज

शहरों पर केबल टीवी वालों का कब्जा हो गया. उस के बाद तेजी से टीवी देखने का  कौन्सैप्ट बदला और अब भी बदल रहा है.

नैटफ्लिक्स दुनिया की टौप वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस है, जिस में आप अपने स्मार्टफोन से ले कर स्मार्ट टीवी तक की स्क्रीन पर कंटैंट देख सकते हैं. ओरिजिनल वैब कंटैंट को नैटफ्लिक्स में क्रिएट किया जाता हैं, जिन में से अधिकांश अब  हाई रिजोल्यूशन वाले अल्ट्रा एचडी में उपलब्ध हैं.

नैटफ्लिक्स लगभग 20 वर्षों पहले जब शुरू हुआ, तो यह एक सब्सक्रिप्शन बेस्ड डीवीडी सर्विस था जो आप के घर में सीधे डीवीडी मेल करता था. यह अभी भी ऐसा ही करता है, लेकिन 2007 में नैटफ्लिक्स ने इस की स्ट्रीमिंग सर्विस शुरू की, जिस के बाद दर्शकों को हजारों औन डिमांड टीवी शो और फिल्मों को विज्ञापनमुक्त देखने की इजाजत मिल गई. 10 वर्षों बाद, नैटफ्लिक्स मनोरंजन में सब से बड़े नामों में शुमार हो गया. इस का बेस लौस गैटोस, कैलिफोेर्निया में है और भारत सहित दुनियाभर के 40 देशों में यह औपरेट होता है. इस की सर्विसेस औन डिमांड आधार पर प्रदान की जाती हैं, जिस का अर्थ है कि लोग जिस की मांग करते हैं, उन्हें वह कंटैंट उपलब्ध होता है. ये सर्विसेस फ्लैट रेट पर मुहैया कराई जाती हैं.

औनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग

भारत में तकरीबन 30 कंपनियां हैं जिन में मुख्यतया नैटफ्लिक्स, अमेजन, हौटस्टार, वायकौम हैं जो अभी देश में वीडियो गेम्स और खेल संबंधित कंटैंट लोगों को उपलब्ध करवा रही हैं. अब एक और कंपनी शीमारू एंटरटेनमैंट लिमिटेड ने भी इस मैदान में उतरने का मन बना लिया है. इस कंपनी के पास लगभग 3,500 भारतीय फिल्मों का जखीरा है और वह इसे सालाना 3-5 फीसदी की दर से बढ़ाते हुए कई औनलाइन प्लेटफौर्म्स से लाइसैंस फीस ले कर इस के जरिए कमाई करना चाहती है. इन सब कंपनियों में से नैटफिल्क्स के पास सब से ज्यादा ग्राहक हैं. दुनियाभर में 12 करोड़ ग्राहकों वाली कंपनी नैटफिल्क्स ने 31 दिसंबर, 2017 तक लगभग 50 लाख ग्राहक बना लिए हैं. रीड हेस्टिंग्स का मानना है कि भारत 10 करोड़ वीडियो कंटैंट देखने वाले ग्राहकों का बाजार बन सकता है.

भारत में औनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग का बाजार जल्द ही बदलने वाला है. समय आ गया है कि वीडियो कंटैंट और गेमिंग एप्लीकेशंस आप की और हमारी जिंदगी में भीतर तक प्रवेश कर जाएंगी. अंर्स्ट ऐंड यंग की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2016 के मुकाबले साल 2017 में भारत में मीडिया और एंटरटेनमैंट का बाजार 13 फीसदी की बढ़त के साथ डेढ़ लाख करोड़ का हो गया.

यूट्यूब ओरिजिनल बनाम नैटफ्लिक्स-अमेजन

अब तक भारत में फ्री में फिल्म और गानों का कोई डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफौर्म रहा है तो वह है यूट्यूब. बिना किसी सब्सक्रिप्शन चार्जेज के यहां 50-60 के दशक से ले कर आज तक हर भाषा में देश का सिनेमा, शौर्ट फिल्में और सीरियल्स फ्री में उपलब्ध होते रहे हैं.

ऐसे में जब नैटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम वीडियो जैसे ब्रैंड आ गए हैं तो उन्हें टक्कर देने और अपनी पुरानी दर्शक संख्या बरकरार रखने के लिए यूट्यूब कमर कस चुका है. इस क्रम में यूट्यूब फ्रांस, जरमनी, जापान और मैक्सिको के अलावा भारत में भी अपने ओरिजिनल प्रोग्रामिंग, ‘यूट्यूब ओरिजिनल’ सर्विस को लौंच करने की प्लानिंग कर रही है. इस के जरिए यूट्यूब यूजर्स को अपनी पेड सब्सिक्रप्शन सर्विस की तरफ आकर्षित करेगा.

स्मार्टफोन की भूमिका अहम

भारत में स्मार्टफोन की क्रांति इस के पीछे एक अहम कारण है. आज भारत का स्मार्टफोन बाजार दुनिया में दूसरे नंबर पर आ गया है.

जानकारों का मानना है कि इस साल देशभर में लगभग 50 करोड़ ग्राहक इंटरनैट से जुड़ जाएंगे और इस में स्मार्टफोन सब से बड़ा कारक है. दुनियाभर में लोग पढ़ने की अपेक्षा वीडियो देखने में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं. जाहिर है कि ऐसे माहौल में भारत वीडियो सर्फिंग और गेमिंग एक बड़ा बाजार बन जाएगा. तीसरा अहम कारण है कि भारत के देशी कंटैंट का अब इंटरनैट पर उपलब्ध  होना. भारतीय भाषाओं में कंटैंट की उपलब्धता ने मीडिया और एंटरटेनमैंट के बाजार में इजाफा किया है.

राजकुमार हिरानी ने माना जानबूझ कर बदली गई थी ‘संजू’ की स्क्रिप्ट

हाल में एक इंटरव्यू में राजकुमार हिरानी ने इस बात को स्वीकार किया है कि उन्होंने समाज में संजय दत्त के प्रति सहानुभूति जगाने के लिए ‘संजू’ में कुछ बदलाव किए थे

राजकुमार हिरानी के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘संजू’ न केवल बौक्स औफिस पर सफल रही बल्कि दर्शकों ने भी इसे काफी पसंद किया. इस फिल्म ने रणबीर कपूर और संजय दत्त के फिल्मी करियर के ग्राफ को ऊपर चढ़ाने में भी काफी मदद की. हालांकि क्रिटिक्स ने भी फिल्म की काफी प्रशंसा की लेकिन यह भी कई बार कहा गया कि इसमें संजय दत्त की जिंदगी के सभी पहलू शामिल नहीं किए गए.

हाल में एक इंटरव्यू में राजकुमार हिरानी ने इस बात को स्वीकार किया है कि उन्होंने समाज में संजय दत्त के प्रति सहानुभूति जगाने के लिए ‘संजू’ में कुछ बदलाव किए थे. इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब पहली बार यह फिल्म एडिट करके लोगों को दिखाई गई तो लोग संजय दत्त के किरदार से नफरत करने लगे और पहली बार फिल्म देखने वाले लोगों ने कहा कि ऐसी फिल्म स्क्रीन पर नहीं चलेगी.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजकुमार हिरानी ने कहा कि वह पूरी तरह सच्ची कहानी दिखाना चाहते थे और इसलिए उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया जिससे संजय दत्त के लिए लोगों में सहानुभूति जागे. उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म बनाते वक्त वह यह बात ही भूल गए थे कि संजय दत्त का किरदार ही फिल्म का हीरो है.

हिरानी ने माना कि पहले फिल्म में ऐसे कुछ सीन नहीं थे जो संजय दत्त के किरदार के प्रति सहानुभूति जगाएं. उन्होंने बताया कि कोर्ट का फैसला सुनने के बाद जब संजय दत्त का किरदार सूसाइड करना चाहता है, यह सीन बाद में फिल्म में जोड़ा गया. हालांकि इससे भी लोगों की सोच पर बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ा. हिरानी ने कहा कि हर फिल्म में कुछ चीजें अच्छी होती हैं और कुछ बुरी लेकिन उन्हें अभी भी अपनी फिल्म की कमियां दिखाई देती हैं

राजकुमार हिरानी उर्फ राजू हिरानी भारतीय फिल्‍म निर्देशक, स्‍क्रीनराइटर और फिल्‍म एडिटर हैं जो कि मुन्‍नाभाई एमबीबीएस, लगे रहो मुन्‍नाभाई, 3 इडियट्स, पीके जैसी सुपरहिट फिल्‍मों की वजह से जाने जाते हैं। इन सभी फिल्‍मों ने बॉक्‍सआफिस पर धमाल मचाया है। अपनी बेहतरीन फिल्‍मों से उन्‍होंने कई बार कई पुरस्‍कार जीते हैं। उनकी फिल्‍मों की खास बात यह होती है कि उनकी फिल्‍में मनाेरंक होने के साथ साथ संदेशपरक होती हैं और सभी के दिल को अासानी से छू जाती हैं।

पृष्‍ठभूमि-
हिरानी का जन्‍म नागपुर में एक सिन्‍धी परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम सुरेश हिरानी है। जब सुरेश हिरानी 14 साल के थे तब भारत के विभाजन के दौरान हिरानी परिवार मेहराबपुर, सिंध जो कि अब पाकिस्‍तान कास हिस्‍सा है, से भारत आ गया।

पढ़ाई-
राजकुमार की पढ़ाई सेंट फ्रांसिस डीसेल्‍स हाई स्‍कूल, नागपुर, महाराष्‍ट्र से हुई थी। उन्‍होंने कॉमर्स से अपना स्‍नातक पूरा किया। उनका परिवार उन्‍हें चाटर्ड अकाउंटेंट के रूप में देखना चाहता था लेकिन उनका झुकाव थियेटर, फिल्‍मस की तरफ था। राजकुमार अपने पिता के बिजनेस में मदद करते थे लेकिन वे हिन्‍दी फिल्‍मों में अभिनेता बनना चाहते थे। कॉलेज के दिनों में वे हिन्‍दी थियेटर में शामिल होते थे। बाद में उन्‍होंने फिल्‍म एंड टेलीविजन इंस्‍टीट्यूट अॉफ इंडिया, पुणे से एडिटिंग का कोर्स किया।

शादी-
उनकी शादी मंजीत हिरानी से हुई है जिनसे उन्‍हें एक लड़का है जिसका नाम वीर हिरानी है।

करियर-
राजकुमार ने कई सालों तक फिल्‍म एडिटर के तौर पर अपना भाग्‍य आजमाया। इस दौरान हुए उनके बुरे अनुभवों ने उन्‍हें विज्ञापनों की तरफ रूख करने को मजबूर किया और एडवरटाइजिंग फिल्‍मों में उन्‍होंने अपने को निर्माता-निर्देशक के तौर पर स्‍थापित किया। वे फेवीकोल के विज्ञापन में भी दिखाई दिए। उन्‍होंने एडवाटाइजिंग इंडस्‍ट्री में अच्‍छा काम किया लेकिन उन्‍हें तो फिल्‍में बनानी थीं, इस वजह से उन्‍होंने विज्ञापनों से ब्रेक लिया और विधु विनोद चोपड़ा के साथ काम करना शुरू किया। उन्‍होंने फिल्‍म ‘1942: ए लव स्‍टोरी’ के प्रोमोज और ट्रेलर्स पर काम किया। उन्‍होंने फिल्‍म ‘करीब’ के प्रोमोज को भी एडिट किया। उन्‍हें पहला बड़ा मौका तब मिला जब उन्‍होंने फिल्‍म ‘मिशन कश्‍मीर’ के लिए फिल्‍म एडिटर के तौर पर काम किया।

मुन्‍नाभाई एमबीबीएस से मिली पहचान-

निर्देशक के तौर पर उनकी पहली फिल्‍म ‘मुन्‍नाभाई एमबीबीएस’ थी जिसे भारी सफलता मिली। भारत के साथ साथ विदेशों में भी यह फिल्‍म हिट रही। इसके बाद उन्‍होंने इसी फिल्‍म का सीक्‍वेल ‘लगे रहो मुन्‍नाभाई’ बनाया जिसने एक बार फिर सभी का दिल जीता और इस फिल्‍म का भारत में काफी ज्‍यादा प्रभाव रहा और इसने गांधीवाद को और पापुलर बना दिया। फिल्‍म को आलोचकों के साथ साथ जनता ने भी काफी पसंद किया।

इसके बाद आई फिल्‍म ‘3 इडियट्स’। इस फिल्‍म ने हिन्‍दी सिनेमा के पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए और फिल्‍म ने भारत के साथ साथ विदेशी मार्केट में भी अच्‍छी कमाई की। इसके बाद फिल्‍म ‘पीके’ में भी अपनी क्षमता से बड़े वर्ग को हिरानी ने प्रभावित किया और फिल्‍म ने काफी अच्‍छा कारोबार किया और सारे रिकार्ड एक बार फिर तोड़ दिए।