ग्लोइंग स्किन के लिए बड़े काम के हैं ये फ्रूट्स

हर महिला चाहती कि उस की स्किन हरदम चमकतीदमकती रहे ताकि जब भी वह आईने में खुद को निहारे तो बस निहारती रह जाए और लोगों की भी खूब तारीफ मिले, लेकिन यह काम इतना आसान नहीं है.

हर महिला चाहती कि उस की स्किन हरदम चमकतीदमकती रहे ताकि जब भी वह आईने में खुद को निहारे तो बस निहारती रह जाए और लोगों की भी खूब तारीफ मिले, लेकिन यह काम इतना आसान नहीं है, क्योंकि कई बार बिजी लाइफस्टाइल व खानपान में लापरवाही की वजह से हमारी स्किन रूखी व बेजान हो जाती है. गरमियों में तो यह समस्या और भी बढ़ जाती है. कई बार तो ऐक्ने जैसी समस्याएं भी हो जाती हैं. ऐसे में आप को तरहतरह के फ्रूट्स खाने चाहिए, क्योंकि ये विटामिंस, मिनरल, फाइबर, पोटैशियम आदि के अच्छे स्रोत होते हैं.

आइए जानें कि इस समर सीजन में कौन से फू्रट आप की स्किन में नई जान डाल उसे हैल्दी व ग्लोइंग बनाएंगे:

ऐवोकाडो

अगर आप की स्किन हैल्दी दिखेगी तो वह न सिर्फ आप की पर्सनैलिटी में चार चांद लगाएगी, बल्कि आप की फिटनैस भी दिखाएगी. जब तक आप अंदर से फिट नहीं रहेंगी कोई भी ब्यूटी ट्रिक काम नहीं करेगा. अत: ऐवोकाडो से स्किन को दें पोषण और चमक.

एक रिसर्च के अनुसार अगर आप ऐवोकाडो को टोमैटो सौस या फिर कच्ची गाजर के साथ मिला कर खाती हैं, तो प्रो विटामिन ए विटामिन ए में बदल जाता है, जो इम्यून फंक्शन को सुधारने, आंखों की रोशनी को तेज करने के साथसाथ स्किन को भी हैल्दी बनाने का काम करता है.

यह फाइबर, विटामिन ए, सी, डी, ई, के, बी1, बी2, बी3, बी5, बी6, बी12 कोलाइन का अच्छा स्रोत है. इसलिए आप इसे ब्रेकफास्ट बाउल में जरूर शामिल करें.

फेस पर कैसे करें अप्लाई

– ऐवोकाडो को अच्छी तरह मैश कर स्किन पर लगाने से नैचुरल ग्लो आता है.

– ऐवोकाडो के टुकड़ों को गुलाबजल और चुटकी भर कपूर में मिला कर भी फेस पर अप्लाई किया जा सकता है.

– पके ऐवोकाडो को अच्छी तरह मैश कर के क्रीमी पेस्ट बनाएं. फिर इस में 2 चम्मच दूध और

1 चम्मच शहद मिला कर मिक्स्चर तैयार कर चेहरे और गरदन पर लगा कर 30 मिनट बाद धो लें. ऐसा करने से चेहरा ग्लो करता है.

– 2 ऐवोकाडो में 1 कीवी को अच्छी तरह मैश कर के उस का क्रीमी पेस्ट तैयार करें. इस में थोड़ा सा शहद भी मिलाएं. फिर इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और आधे घंटे बाद चेहरे को कुनकुने पानी से धो लें. स्किन ग्लो करने लगेगी.

पपीता

पपीता बैली फैट को कम करने के लिए जाना जाता है. इस में विटामिन ए, सी, बी, मिनरल्स आदि की मौजूदगी स्किन को डैमेज होने से बचाती है. इस के ऐंटीबैक्टीरियल, ऐंटीफंगल जैसे गुण भी स्किन के लिए वरदान साबित होते हैं.

एक रिसर्च में पता चला है कि पपीते से स्किन अल्सर में भी राहत मिलती है. इसलिए इसे अपनी डाइट में शामिल करना न भूलें.

लौटाए खोई रौनक

– थोड़ा सा पपीता मैश कर चेहरे पर लगाएं.

10 मिनट के बाद चेहरे को धो लें. आप त्वचा में सुधार खुद देखेंगी.

– डार्क और टैन एरिया को रिमूव करने के लिए मैश्ड पपीते में नीबू का रस और 1/4 चम्मच हलदी मिला कर 10 मिनट तक चेहरे पर लगाए रखने से टैन एरिया ठीक होता है.

– ड्राईनैस दूर करने के लिए मैश्ड पपीते में

1/2 चम्मच बादाम का तेल मिला कर चेहरे पर लगाएं. फिर 10 मिनट बाद गीले कपड़े से हटा लें. इसे हफ्ते में 2 बार दोहराने से ड्राईनैस दूर होती है.

संतरा

संतरा पोषक तत्त्वों से भरपूर होता है. इस से स्किन क्लीयर व हैल्दी रहती है. इस में विटामिन सी, नाइसीन, विटामिन बी6, फोलेट, मैग्नीशियम, कौपर आदि की मौजूदगी इसे खास बनाती है. इस में विटामिन सी की उपलब्धता सूर्य की तेज किरणों व प्रदूषण से स्किन को बचाने में कारगर है. यह झुर्रियों को कम कर ओवरऔल स्किन टैक्स्चर को इंप्रूव करता है. इसलिए इसे डाइरैक्ट या जूस के रूप में जरूर लें.

ऐसे करें इस्तेमाल

– 3 चम्मच संतरे के जूस में 1 चम्मच नीबू का रस, 1 चम्मच दूध और 1/2 चम्मच हलदी मिला कर चेहरे पर लगाने से उस की ड्राईनैस दूर होने के साथसाथ स्किन भी अट्रैक्टिव लगती है.

– 3 चम्मच संतरे के रस में 1 चम्मच नीबू का रस, 2 चम्मच बेसन और चुटकी भर हलदी मिला कर चेहरे पर लगाना भी काफी फायदेमंद रहता है.

– पिगमैंटेशन वाली जगह हफ्ताभर संतरे का रस लगाने से खुद सुधार महसूस करेंगी.

तरबूज

तरबूज में कैल्सियम, मैग्नीशियम, फाइबर, प्रोटीन, पोटैशियम होने के कारण यह हैल्थ व स्किन के लिए काफी फायदेमंद है. यह ऐक्नों की समस्या से भी छुटकारा दिलाता है. आप इसे नैचुरल टोनर भी मान सकती हैं.

तरबूज से पाएं ग्लोइंग त्वचा

– थोड़े से तरबूज को अच्छी तरह मैश कर के उस में दही मिला कर चेहरे पर लगाएं और 10-15 मिनट बाद कुनकुने पानी से धो लें. चेहरा ग्लो करने लगेगा.

– 1 बड़े चम्मच तरबूज के रस में 1 चम्मच मैश किया ऐवोकाडो मिला कर 15 मिनट बाद उसे ठंडे पानी से धो लें. ऐसा करने से आप की स्किन शाइन करने लगेगी.

– 1 बड़े चम्मच तरबूज के रस में 1 चम्मच मैश केला मिला कर 20 मिनट तक चेहरे पर लगाने के बाद चेहरे को कुनकुने पानी से धो लें. रिजल्ट आप के सामने होगा.

अनार

अनार खाने से डैड सैल्स रिमूव होते हैं, जिस से स्किन पर नैचुरल ग्लो आता है. इस में मौजूद ऐंटीऔक्सीडैंट न सिर्फ फ्री रैडिकल्स को खत्म करने का काम करता है, बल्कि ऐंटीएजिंग गुण होने के कारण झुर्रियों और फाइन लाइंस को हटाने का काम भी करता है. इस में विटामिन के, बी, सी, मिनरल्स की मौजूदगी नई कोशिकाओं को बनाने का काम करती है. तो न करें अपनी डाइट से अनार को इग्नोर.

दिखें फ्रैशफ्रैश

– थोड़े से अनार के जूस में कुछ बूंदें नीबू के रस की मिला कर इसे कौटन बौल की मदद से फेस पर लगाएं. 30 मिनट बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें. ऐसा करने से टैनिंग दूर होने पर फेस फ्रैशफ्रैश नजर आएगा.

– अनार के जूस में 1 चम्मच ग्रीन टी, दही और शहद मिला कर चेहरे पर लगाने से स्किन में नई जान आ जाती है. यह मिश्रण स्किन टोन को भी इंप्रूव करने का काम करता है.

खीरा

तरबूज की ही तरह खीरा भी वाटर कंटैंट का अच्छा स्रोत है. इसीलिए यह शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करता है. इस में विटामिन के, सी, डाइटरी फाइबर आदि बहुत अधिक मात्रा में होते हैं.

एक रिसर्च के अनुसार कुकुंबर स्किन टोन को सुधारने के साथसाथ झुर्रियों को कम करने में भी सहायक होता है. इसलिए आप इसे सलाद वगैरा के रूप में जरूर खाएं.

कैसे करें फेस पर अप्लाई

– ऐक्ने के कारण हुई जलन को कम करने के लिए कद्दूकस किए खीरे में 1 चम्मच बेसन और 1 चम्मच गुलाबजल मिला कर चेहरे पर लगाने से ऐक्नों की समस्या से छुटकारा मिलने के साथसाथ स्किन भी ग्लो करने लगती है.

– खीरे के रस में बराबर मात्रा में नीबू का रस और थोड़ा सा ऐलोवेरा जैल मिला कर

15 मिनट स्किन पर लगा रहने दें. इस से टैनिंग दूर होने के साथसाथ फेस भी शाइन करता है.

ऐप्रिकोट

अच्छी स्किन के लिए विटामिन सी, ए और फाइट्रोन्यूट्रिएंट्स का कौंबिनेशन परफैक्ट है. इस के ऐंटीऔक्सीडैंट गुण ऐजिंग प्रोसैस को कम करते हैं, साथ ही इस में विटामिन सी की मौजूदगी स्किन को सौफ्ट बनाती है. इसलिए अगर आप खूबसूरत दिखना चाहती हैं, तो ऐप्रिकोट जरूर खाएं.

कैसे करें फेस पर अप्लाई

– 1/2 कप सूखे ऐप्रिकोट, 1 चम्मच मिल्क पाउडर, 1 चम्मच शहद और 1/2 कप गरम पानी ले कर ब्लैंडर में ब्लैंड कर चेहरे पर लगाएं. 20 मिनट बाद चेहरे को कुनकुने पानी से धो लें. इस के कुछ दिन प्रयोग के बाद ही चेहरा निखरानिखरा नजर आने लगेगा.

कीवी

कीवी में विटामिन सी और अमीनो ऐसिड की प्रचुर मात्रा स्किन को सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाती है. साथ ही विटामिन ई के कारण नई कोशिकाओं के निर्माण से स्किन जवांजवां भी दिखने लगती है. इस में ऐंटीइनफ्लेमेटरी गुण होने के कारण इस का प्रयोग त्वचा की ऐक्नों से भी रक्षा करता है.

स्किन में लाए नई जान

– चेहरे पर कीवी का गूदा लगाने से चेहरे पर रौनक आ जाती है.

– कीवी के गूदे में भीगे बादाम का पेस्ट मिला कर फेस पर लगाने से स्किन जवां दिखती है, क्योंकि इस में विटामिन ई और सी का कौंबिनेशन जो होता है.

– दही में कीवी का गूदा मिला कर चेहरे पर लगाने से स्किन ऐक्स्ट्रा ग्लो करती है.

फलों से भरपूर स्वास्थ्य लाभ पाना चाहती हैं तो जूस की बजाय साबूत फल खाने की आदत डालें. ध्यान रखें कि सेहत और सुंदरता को बरकरार रखने में फलों की बड़ी भूमिका है, इसलिए रोज मौसमी फल खाने की शुरुआत आज ही से कर दें.

पसीना और बरसात का पानी मेकअप को बिगाड़ देता है ! इन तरीको से सीखे कैसे बचें इससे !

मौनसून सीजन में पसीना और बरसात का पानी मेकअप को बिगाड़ देता है. ऐसे में मेकअप सुंदर बनाने के बजाए बदसूरत बना देता है. मेकअप की दुनिया में वाटरप्रूफ मेकअप प्रोडक्ट्स के आने के बाद अब मौनसून में मेकअप की परेशानियां खत्म हो गई हैं.

 

मौनसून सीजन में पसीना और बरसात का पानी मेकअप को बिगाड़ देता है. ऐसे में मेकअप सुंदर बनाने के बजाए बदसूरत बना देता है. मेकअप की दुनिया में वाटरप्रूफ मेकअप प्रोडक्ट्स के आने के बाद अब मौनसून में मेकअप की परेशानियां खत्म हो गई हैं.

वाटरप्रूफ  मेकअप की सब से खास बात यह होती है कि बारिश का पानी भी इस का कुछ नहीं बिगाड़ पाता है. केवल बरसात में ही नहीं रेन डांस और स्विमिंग पूल का मजा लेते वक्त भी वाटरप्रूफ  मेकअप का कमाल दिखता है. पसीना आने पर मेकअप त्वचा के रोमछिद्रों में घुल कर अंदर चला जाता है, जिस से वह खराब हो जाता है. मेकअप रोमछिद्रों के जरीए शरीर के अंदर न जाए, वाटरप्रूफ  मेकअप में यही किया जाता है. त्वचा के रोमछिद्रों को बंद कर के किया गया मेकअप ही वाटरप्रूफ  मेकअप कहलाता है.

मौनसून में वाटरप्रूफ  मेकअप उत्पादों का इस्तेमाल करना आसान उपाय है. आप चाहें तो कौंपैक्ट पाउडर और फ ाउंडेशन भी इस्तेमाल कर सकती हैं. इसे आप हलके गीले स्पंज से लगा सकती हैं या फिर सूखे पाउडर के तौर पर भी लगा सकती हैं. हमेशा लिपस्टिक, मसकारा और लाइनर के 2 कोट लगाएं ताकि ये ज्यादा देर तक टिके रहें. किसी भी उत्पाद को खरीदते समय यह जरूर पढ़ लें कि वह वाटरपू्रफ  है या नहीं और वह कितने घंटों तक टिका रह सकता है.

ब्लशर: पाउडर ब्लश के बजाय आप क्रीम ब्लश इस्तेमाल कर सकती हैं. अगर आप कलर को थोड़ा और उभारना चाहती हैं तो क्रीम ब्लश के ऊपर पाउडर ब्लश लगाएं ताकि यह आप के गालों पर ज्यादा देर तक टिका रहे. यह आप के चेहरे पर चमक व कलर लाने के साथ ही खूबसूरती भी बढ़ाता है.

बैंग्स: बैंग्स यानी सामने के छोटे बाल बहुत महिलाओं को पसंद होते हैं. मगर कई बार वे मौनसून में उलझ जाते हैं. बैंग्स चेहरे का करीब आधा हिस्सा ढक लेते हैं, जिस से त्वचा को सांस लेने का मौका नहीं मिलता. इस के कारण मौसम में नमी की वजह से पसीना आने लगता है. इस से न केवल बाल चिपचिपे दिखते हैं, बल्कि गरमी व पसीने की वजह से आप को मुंहासे भी हो सकते हैं.

काजल: काजल वाली आंखें हमेशा ख़ूबसूरत लगती हैं. लेकिन जब मौसम में नमी ज्यादा हो तो काजल फैल सकता है, जिस से आंखें देख कर ऐसा लगेगा जैसे आप को डार्क सर्कल्स हों. ऐसे में वाटरपू्रफ  लिक्विड लाइनर लगाएं.

वाटरपू्रफ  मसकारा: बारिश में वाटरप्रूफ मेकअप का ही इस्तेमाल करना चाहिए. वाटरप्रूफ मसकारे का इस्तेमाल करें या फिर क्लियर मसकारा भी अच्छा विकल्प हो सकता है.

लिक्विड फाउंडेशन: नम मौसम में लिक्विड फ ाउंडेशन चेहरे पर पिघलने लगता है. ज्यादा फाउंडेशन लगाना भी अच्छा साबित नहीं होता. एकसमान रंगत और बेदाग बेस पाने के लिए बीबी क्रीम या औयल फ्री कुशन फाउंडेशन का इस्तेमाल करें.

क्रीमी कंसीलर: मौनसून में कंसीलर के इस्तेमाल से बचें, क्योंकि पसीने वाला यह मौसम कंसीलर को चेहरे पर टिका नहीं रहने देता. फिर भी कंसीलर की बहुत जरूरत हो तो क्रीमी कंसीलर का विकल्प चुन सकती हैं.

ग्लिटर आईशैडो: ग्लिटर आईशैडो कई महिलाओं को बहुत पसंद हो सकता है. लेकिन इस के प्रयोग से मौनसून में वे भयावह नजर आ सकती हैं. हवा में मौजूद नमी ग्लिटर को चिपचिपा और धब्बेदार दिखा सकती है और यदि बारिश हो गई तो यकीनन आप का आईशैडो आप के गालों को धब्बेदार चमक देगा. ग्लिटर बह कर आंखों में भी जा सकती है जिस से आप को आंखों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं.

स्ट्रेट हेयर: नमी से बाल चिपचिपे और बिखरे नजर आते हैं. यदि आप इस गड़बड़ से बचने के लिए हेयर स्ट्रेटनिंग का विकल्प चुनने के बारे में सोच रही हैं तो यह गलती कभी न करें, क्योंकि कुछ दिनों तक तो आप के बाल काफी चिकने और चमकीले नजर आएंगे, लेकिन लंबे समय तक ऐसा न रहेगा. इस के बजाय बालों को पोषित करने वाले ट्रीटमैंट्स आजमाएं.

वाटरप्रूफ  मेकअप प्रोडक्ट्स

वाटरप्रूफ मेकअप की बढ़ती मांग को देखते हुए मेकअप प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनियों ने वाटरप्रूफ मेकअप प्रोडक्ट्स बनाने शुरू कर दिए हैं. इन प्रोडक्ट्स के अंदर ऐसे तत्त्व डाल दिए जाते हैं, जो मेकअप करने के दौरान त्वचा के रोमछिद्रों को बंद कर देते हैं. इस से मेकअप त्वचा के अंदर नहीं जा पाता और पसीना या पानी उसे नहीं बहा पाता. इस तरह के मेकअप प्रोडक्ट्स से मेकअप करते समय त्वचा को वाटरप्रूफ करने की जरूरत नहीं रहती है. वाटरपू्रफ  मेकअप प्रोडक्ट्स में क्रीम, लिपस्टिक, फेस बेस, रूज, मसकारा, काजल जैसी ढेर सारी चीजें अब बाजार में मिलने लगी हैं.

वाटरप्रूफ मेकअप की सावधानियां

वाटरप्रूफ  मेकअप प्रोडक्ट्स सिलिकोन का प्रयोग कर के बनाए जाते हैं. इन में प्रयोग होने वाला डाइनोथिकोन औयल त्वचा को चमकदार बनाता है. यह वाटरप्रूफ  मेकअप को आसानी से फैलने में मदद करता है, लेकिन वाटरप्रूफ  के जहां तमाम फायदे हैं वहीं इस की कुछ खराबियां भी हैं. वाटरप्रूफ  मेकअप को हटाने के लिए पानी का प्रयोग ही काफी नहीं होता है. इसे हटाने के लिए बेबी औयल या फिर सिलिकोन औयल का प्रयोग करना होता है. वाटरप्रूफ  मेकअप का प्रयोग त्वचा पर खराब प्रभाव डालता है. इस से त्वचा को नुकसान पहुंचता है. त्वचा पर इन्फैक्शन हो जाता है. ज्यादा प्रयोग करने से समय से पहले त्वचा पर झुर्रियां भी पड़ने लगती हैं. वाटरप्रूफ  मेकअप का प्रयोग खास अवसरों पर ही करें, रोज इस का प्रयोग न करें.

ये टिप्स आजमाओगे तो आप को भी आएगी गहरी और आरामदायक नींद !

जिंदगी की दौड़धूप में दिन भर का थका इंसान जब रात में बिस्तर पर लेटता है, तो उस की ख्वाहिश होती है सुकून भरी मीठी नींद की. गहरी और आरामदायक नींद दिन भर की थकान दूर कर शरीर में नई ताजगी भर देती है.

एक तंदुरुस्त इंसान के लिए 5-6 घंटे की नींद काफी है, जबकि छोटे बच्चों के लिए 10-12 घंटे की नींद जरूरी होती है. बुजुर्गों के लिए 4-5 घंटे की नींद भी काफी है.

रात में अच्छी नींद न आने से कई तरह की शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. आंखों के नीचे काले घेरे, खर्राटे, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी, निर्णय लेने में दिक्कत, पेट की गड़बड़ी, उदासी, थकान जैसी परेशानियां सिर उठा सकती हैं.

नींद न आने के कारण

नींद न आने के बहुत से कारण हो सकते हैं जैसे चिंता, तनाव, निराशा, रोजगार से जुड़ी परेशानियां, मानसिक और भावनात्मक असुरक्षा वगैरह.

इस के अलावा तय समय पर न सोना, चाय या कौफी का ज्यादा सेवन, कोई तकलीफ या बीमारी, देर से खाना या भूखा सो जाना, देर रात तक टीवी, इंटरनैट और मोबाइल फोन से चिपके रहना, दिन भर कोई काम न करना आदि कारण भी अनिद्रा की वजह बन सकते हैं.

कैसे आएगी मीठी नींद

– जिन्हें दिन में बारबार चाय या कौफी पीने की आदत होती है वे रात में जल्दी नहीं सो पाते. चाय या कौफी में मौजूद कैफीन नींद में बाधा पैदा करती है, इसलिए खास कर सोने से तुरंत पहले इन का सेवन कतई नहीं करना चाहिए.

– अगर आप दिमागी रूप से किसी बात को ले कर परेशान हैं और कोई फैसला नहीं कर पा रहे हैं, तो आप की नींद डिस्टर्ब हो सकती है. ऐसे में आप को उस बारे में सोचना छोड़ना होगा. अच्छी नींद के लिए दिमाग का शांत होना बहुत जरूरी है.

– यदि आप सोने का प्रयास कर रहे हैं पर नींद नहीं आ रही है, तो उठ कर थोड़ी देर टीवी देखें, कोई मनपसंद किताब पढ़ें या फिर हलका संगीत सुनें, इस से आप को अच्छी नींद आएगी.

– सोने से पहले थोड़ी देर के लिए अपने दिमाग को किसी खास चीज पर फोकस करें. इस से मन की चंचलता कम होगी और आप को अच्छी नींद आएगी.

– दिन में न सोएं तो रात में गहरी नींद आती है.

– रात में सोने से पहले थोड़ी देर टहलना चाहिए. इस से हाजमा सही रहता है और नींद भी सुकूनभरी आती है. डिनर में भारी खाना नहीं लेना चाहिए.

– खाना खाने के तुरंत बाद सोने न जाएं. सोने से 3 घंटे पहले भोजन कर लें.

– सोने से पहले नहा लेने से भी गहरी नींद आती है.

– सोने और जागने का समय तय रखें. रोज एक ही समय पर सोने से नींद गहरी आती है.

– सोते समय हमेशा ढीलेढाले कपड़े पहनने चाहिए.

– कमरे का तापमान न ज्यादा ठंडा और न ज्यादा गरम रखें. वरना बारबार नींद टूटती रहती है.

– रात को सोने से पहले कुनकुने दूध में हलदी मिला कर पीने से अच्छी नींद आती है.

– सोते समय कमरे में हलकी रोशनी होनी चाहिए.

– दिनभर औफिस में बैठ कर काम करना पड़ता है, जिस से कमर दर्द, पीठ दर्द होता है. इसलिए रोज व्यायाम जरूर करें. व्यायाम करने से दर्द दूर रहेगा और नींद भी गहरी आएगी.

– आप अपनी ऊर्जाओं का जितना उचित प्रबंधन करते हैं, उसी पर आपकी सजगता निर्भर करती है। ध्यान करने के लिए आपके मन की ही नहीं, आपकी ऊर्जा की सजगता भी बहुत आवश्यक है। इसके लिए, यौगिक पथ का अभ्यास करने वालों से कहा जाता है कि उन्हें केवल चौबीस कौर ही खाने चाहिए और हर कौर को चौबीस बार चबाना चाहिए। इस तरह भोजन पेट में जाने से पहले ही, पच जाएगा और शरीर में आलस्य नहीं आएगा।

– अगर आप शाम के भोजन के दौरान ऐसा करेंगे, तो आप सुबह साढे तीन बजे अपने-आप ही उठ सकेंगे। यौगिक तंत्र में, यह समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है। यह यौगिक अभ्यास करने के लिए आदर्श समय है, इस समय आपको साधना करने के लिए प्रकृति से अतिरिक्त सहयोग भी मिलेगा।

– आपके शरीर को कितनी नींद चाहिए, यह आपकी गतिविधि पर निर्भर करता है। भोजन या नींद की मात्रा को निश्चित करने की जरुरत नहीं है। जब आपकी गतिविधि कम हो, तो कम भोजन करें।

– अगर आप नींद को जबरन रोकना चाहेंगे, तो आपकी शारीरिक और मानसिक गतिविधि मंद हो जाएगी। आपको ऐसा नहीं करना चाहिए। आपको अपने शरीर को भरपूर नींद देनी चाहिए,पर अगर शरीर बिस्तर को कब्र की तरह प्रयोग में लाना चाहता है तो यह उससे बाहर ही नहीं आना चाहेगा। किसी को आपको जबरदस्ती उठाना पड़ेगा! ये इस पर निर्भर करता है कि आप अपना जीवन कैसे जी रहे हैं। अगर आप ऐसी मानसिक अवस्था में हैं, जब आप जीवन से दूर जाना चाहते हैं तो आप नींद और भोजन; दोनों की अधिक मात्रा ग्रहण करेंगे

– बहुत से लोगों ऐसी स्थिति में हैं कि जब तक वे पूरा पेट भर कर खाना नहीं खा लेते और शरीर को सुस्त नहीं बना लेते, उन्हें नींद नहीं आती। आपको सोने से पहले, भोजन के पाचन के लिए समय देना चाहिए। मेरा कहना है कि अगर आप भोजन के बाद, दो घंटे से पहले ही सो जाते हैं तो अस्सी प्रतिशत भोजन व्यर्थ हो जाता है। अगर आप इस स्थिति में हैं, कि पूरा पेट भरे बिना नींद नहीं आती तो इस मसले पर ध्यान दें। यह नींद के बारे में नहीं है, ये एक ख़ास मानसिक अवस्था है।