मोबाइल फ़ोन भी ले रहा है लोगो की जान ! पढ़े कैसे ?

क्या आप जानते हैं मोबाइल फोन या मोबाइल के टावर्स से निकलने वाला रेडिएशन आपकी सेहत के लिए बहुत बड़ा खतरा है.

आपका मोबाइल फोन हर समय आपके साथ रहता है. इसके बिना तो अब जिंदगी की कल्पना करना ही मुश्किल है. ये बात कहना भी गलत नहीं होगा कि आप फोन को ऐसे चिपका के अपने साथ रखते हैं जैसे कि वो कोई खजाना हो. शायद आप इस बात से अनजान हैं कि अपने फोन को हमेशा यूं अपने साथ रखने का मतलब है किसी बड़े खतरे को बुलावा देना है.

क्या आप जानते हैं मोबाइल फोन या मोबाइल के टावर्स से निकलने वाला रेडिएशन आपकी सेहत के लिए बहुत बड़ा खतरा है. गेम्स और नेट सर्फिंग के लिए अगर आप अपने मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं तो लगातार ऐसा करना बहुत खतरनाक है.

मोबाइल का रेडिएशन कब होता है ज्यादा खतरनाक

अपने मोबाइल को तकिए के नीचे रखकर नहीं सोना चाहिए. इसका सीधा असर आपके दिमाग पर पड़ता है. कई लोग अपनी शर्ट की जेब में मोबाइल रखा करते हैं. ये आदत आपके दिल के लिए नुकसानदेह है और इसके कारण आपको दिल की बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है. इसके अलावा पेंट के पास जेब में मोबाइल रखने से, गहरा असर स्पर्म्स पर असर होता है, जो काफी खतरनाक साबित हो सकता है.

रेडिएशन से क्या हैं नुकसान

अगर लिस्ट बनाई जाए तो आपके मोबाइल फोन से होने वाले नुकसानों की एक लम्बी लिस्ट बन सकती है. इनमें से कुछ ऐसे हैं जो आपको ज्यादा परेशान कर सकते हैं. जैसे,

1. आपको लगातार थकान महसूस होना.

2. हमेशा ही सिरदर्द की शिकायत होना.

3. सिर में एक अजाब सी झनझनाहट का अनुभव होना और नींद न आना.

4. समय समय पर चक्कर जैसा आना. इसके अलावा मोबाइल फोन रेडिएशन्स से आपके डिप्रेशन में चले जाने की संभावनाऐं भी बढ़ जाती है.

5. अगर आपका ध्यान, आपके काम में बिल्कुल नहीं लग रहा है तो इसका मतलब यही है कि आपको अपने फोन से जल्दी ही दूरी बना लेनी चाहिए.

6. मोबाइल से रेडिएशन से आपके कानों की सुनने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है.

7. इसके अलावा याददाश्त कमजोर होना और आपकी पाचन में गड़बड़ी रहना भी मोबाइल के बड़े नुकसानों में से हैं.

8. आपको बता दें कि मोबाइल रेडिएशन के प्रभाव में लंबे समय तक रहने से प्रजनन क्षमता में कमी, कैंसर, ब्रेन ट्यूमर और गर्भपात की आशंकाऐं भी हो सकती है. ये बात तो सभी जानते हैं कि हमारे शरीर में 70 से 80 फीसदी तक पानी होता है. रेडिएशन्स के कारण यह पानी धीरे-धीरे अब्जॉर्ब होता जाता है, जो आगे सेहत के लिए काफी नुकसानदेह है.

9. सबसे महत्वपूर्ण बात जो आपको जाननी बेहद जरुरी है कि मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल करने से आपको कैंसर जैसी बड़ी और गंभीर बीमारी भी हो सकती है.

10. एक रिपोर्ट के मुताबिक हर दिन आधे घंटे या उससे ज्यादा मोबाइल का इस्तेमाल करने पर कुछ ही सालों के अंदर आपको ब्रेन ट्यूमर होने की आशंका बढ़ जाती है.

कुछ सावधानियां बरतकर आप मोबाइल रेडिएशन से होने वाले खतरों से बच सकते हैं.

मोबाइल फोन के रेडिएशन्स को आप कर सकते हैं कम :

1. अगर आप अपने फोन का रेडिएशन कम करना चाहते हैं तो आपको अपने फोन के साथ फेराइट बीड, जो कि एक रेडिएशन सोखने वाला यंत्र है, लगा लेना चाहिए. आजकल आसानी से इन्हें प्राप्त किया जा सकता है.

2. तकनाकी के विकसित हो जाने और लगातार विकासशील रहने के कई फायदे भी हैं. तकनीकी खुद से होने वाले नुकसान के लिए भी कई तरह के उपाय ले कर आती है. कहने का मतलब है कि आप रेडिएशन से बचने के लिए रेडिएशन ब्लॉक ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. यह एक खास तरह का सॉफ्टवेयर होता हैं, जो एक खास समय तक के लिए वाईफाई, ब्लू-टूथ, जीपीएस या ऐंटेना जैसी चीजों को ब्लॉक कर सकता हैं.

3. आपको एक अच्छी बात बता दें कि मोबाइल फोन रेडिएशन शील्ड का इस्तेमाल करना भी एक अच्छा तरीका है. आजकल कई बड़ी-बड़ी फोन कंपनियां मार्केट में इस तरह के उपकरण ले कर आ रही हैं.

4.मोबाइल फोन रेडिएशन को गैर-आयनीकरण के रूप में वर्गीकृत किया गया है। गैर- आयनीकरण रेडिएशन विभिन्न प्रकार के विद्युत चुम्बकीय रेडिएशन को दर्शाता है। अगर इसे आसान शब्दों में कहें, इसका अर्थ है कि गैर- आयनीकरण रेडिएशन द्वारा ऊर्जा को किसी अन्य रूप में छोड़ा जाता है। यह अणुओं को आयनित नहीं करता है जो अधिक हानिकारक रेडिएशन प्रभाव पैदा कर सकता है।

गैर- आयनीकरण रेडिएशन के अन्य रूपों में माइक्रोवेव, रेडियो तरंगें और दृश्यमान प्रकाश (लाइट्स) शामिल हैं।

दुनिया मोबाइल फोन रेडिएशन को लेकर क्या कहती है

इसका मतलब है कि मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल आपके दिमागी सेल्स को तो प्रभावित करता ही है साथ ही आपको कैंसर से भी पीड़ित कर सकता है। अगर हम दुनियाभर के देशों की चर्चा करें तो इसे लेकर सभी सभी देशों में कुछ न कुछ डिबेट तो चलती ही रहती है। विश्वभर में मोबाइल रेडिएशन को लेकर सभी चिंता में है लेकिन क्या यह बात जानकारी की मोबाइल फोंस से आपके दिमाग के सेल्स नष्ट होते हैं, साथ ही आप कैंसर से भी पीड़ित हो सकते हैं। क्या आप मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना बंद कर देंगे? आज यह भी एक बड़ा सवाल है और इसका जवाब आजकल की पीढ़ी के पास तो मेरे खयाल में नहीं है। क्योंकि आज हम विश्व की चर्चा करें या भारत जैसे विकासशील देश की तो आपको बता दें कि सभी जगह युवा आज अपने मोबाइल फोन को ही सब मान बैठे हैं, जहां ऐसा माना जाता है कि अपने शरीर से कुछ दूरी पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना चाहिए, वहां आज हमारे युवा इसे अपने शरीर से लगा के रखते हैं।

फ़ोन भी करता है आपकी जासूसी : जाने कैसे

फेसबुक डाटा लीक मामले के बाद एक और खबर चर्चा में है कि कहीं आपका फोन ही तो आपकी जासूसी नहीं कर रहा. आमतौर पर लोग 24 घंटे फोन को औन रखते हैं.

देश और दुनिया में दिन पर दिन स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या बढ़ रही है. कई शोध से स्मार्टफोन का सेहत पर पढ़ने वाला असर भी सामने आया है. अब फेसबुक डाटा लीक मामले के बाद एक और खबर चर्चा में है कि कही आपका फोन ही तो आपकी जासूसी नहीं कर रहा. आमतौर पर लोग 24 घंटे फोन को औन रखते हैं. लेकिन शायद ही आपको पता हो कि इससे आपकी प्राइवेसी को भी खतरा है. आगे पढ़िए कि जेब में रखा आपका स्मार्टफोन कैसे आपकी प्राइवेसी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.

जियो ट्रैकिंग से हो सकता है नुकसान

जियोट्रैकिंग स्मार्टफोन का महत्वपूर्ण फीचर है. सर्विलांस टेक्निक से सेल टावर और इंटीग्रेटेड जीपीएस चिप के जरिए स्मार्टफोन की लोकेशन का पता लगाया जा सकता है. यहां तक की अगर आप अपने फोन के जीपीएस को औफ भी कर देते हैं तो दूसरे सेंसर्स की मदद से फोन को ट्रैक किया जा सकता है. इसका मतलब यह है कि लोकेशन का पता लगाकर कोई शख्स आपको नुकसान पहुंचा सकता है.

एक्सेस देने में सावधानी बरतें

स्मार्टफोन में मैलेशियस ऐप्स डाउनलोड करते वक्त वे अधिक एक्सेस मांगते हैं. इस तरह के मामलों में हमें थोड़ी सतर्कता बरतनी चाहिए. जब आप कोई नया गेम डाउनलोड कर रहे हैं तो उसे आपके कौन्टैक्ट, जीपीएस और कैमरा एक्सेस की जरूरत क्यों पड़नी चाहिए? हमें इस बारे में विचार करना चाहिए और हमेशा वेलिड सोर्स से ही ऐप डाउनलोड करना चाहिए.

फ्री वाई-फाई हो सकता है घातक

वाई-फाई सर्च करते वक्त अगर कोई फ्री वाई-फाई मिल जाए तो लोग बहुत खुश हो जाते हैं. यह धोखा भी हो सकता है. इससे भी आपकी प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है. जितनी आसानी से आप फ्री वाई फाई का इस्तेमाल कर सकते हैं, हो सकता है कि उतनी आसानी से ही आप हैकर का निशाना भी बन जाएं. जिन फ्री वाईफाई में किसी औथेंटिकेशन की जरूरत नहीं पड़ती, वह किसी हैकर का फेंका हुआ चारा भी हो सकता है.

फ्री एंटी वायरस से रहें सावधान

एंटी वायरस का ज्यादातर इस्तेमाल पर्सनल पीसी में किया जाता है. इसलिए लोग पीसी को एडिशनल सिक्योरिटी देने के लिए फ्री एंट्री वायरस डाउनलोड करके इंस्टौल कर लेते हैं. हालांकि स्मार्टफोन के एंटी वायरस की जरूरत अभी भी स्मार्टफोन यूजर्स को समझ नहीं आ रही है, जबकि फोन में कई पर्सनल इंफौर्मेशन होती हैं.

स्मार्टफोन का कैमरा हो सकता है खतरा

आपके स्मार्टफोन का कैमरा आपकी सिक्योरिटी के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है. इसकी वजह यह है कि हैकर्स द्वारा कंट्रोल होने पर स्मार्टफोन का कैमरा आपकी जासूसी कर सकता है. एक खबर के अनुसार जाने माने हैकर और लेखक केविन एम का कहना है कि फोन में सौफ्टवेयर इंस्टौल करके या रिमोट के जरिए ऐसा किया जा सकता है.

माइक्रोफोन से सुन सकता है आपकी बात

स्मार्टफोन में माइक्रोफोन के जरिए छिप कर किसी की बात सुनी जा सकती है. आज हर स्मार्टफोन में माइक्रोफोन है, ऐसे में यह सिक्योरिटी के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. माइक्रोफोन का इस्तेमाल डाटा कलेक्शन के लिए भी किया जा सकता है.

टिप्स & अस्वीकरण

आप यह सुनिश्चित करने के लिए कोई आवाज लक्ष्य अंत पर सुना जाता है निगरानी की ओर से अपने खुद के Mic मौन करने की जरूरत है. एक अवरोधन के दौरान कॉल आप दोनों लक्ष्य उपयोगकर्ता और दूसरी पार्टी के साथ लाइन पर एक प्रत्यक्ष भागीदार हैं. आप कुछ करने के लिए लाइव सुन रहे हैं तो वास्तव में आप ऊपर जलता है कि, यह मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए मुश्किल हो सकता है. लेकिन याद रखें, यह एक चुपके फोन है और अन्य पार्टी निश्चित रूप से आप सुनते हैं, तो आप इसे खोना और कोस शुरू कर देंगे! एक चतुर जासूस निगरानी के माध्यम से सबूत इकट्ठा और अपने कवर झटका नहीं है.

कैसे फोन अवरोधन वर्क्स?

आप एक अवरोधन कॉल कर जब, यह एक सामान्य फोन कॉल आप लक्ष्य फोन करने के लिए बना रहे हैं. यह एक इंटरनेट फोन नहीं है. सॉफ्टवेयर लक्ष्य फोन पर चल रहे अपने मॉनिटर संख्या को पहचानता है (सेटिंग्स से आपके द्वारा दर्ज) तो यह एक चुपके फोन के रूप में स्वचालित रूप से जवाब देने के लिए जब जानता है, बज के बिना, किसी भी कॉलर आईडी दिखा या लक्ष्य फोन की कॉल लॉग्स में कुछ भी ध्यान में रखते हुए. एसएमएस अलर्ट लक्ष्य फोन से सीधे भेजे जाते हैं, लेकिन यह भी एसएमएस लॉग में नहीं रखा जाता है.

 

सिर्फ 5-6 सेकंड में हो सकता ह आपका क्रेडिट/डेबिट कार्ड हैक ! ध्यान रखें ये बातें ?

एक रिसर्च के अनुसार, अगर आपसे चूक होती है तो हैकर्स को किसी भी क्रेडिट और डेबिट कार्ड को हैक करने में मात्र 6 सेकेंड का समय लग सकता है,

आज का समय ऑनलाइन बैकिंग का है.  हम कोशिश करते है कि हर पेमेंट  कार्ड से ही हो जाएं.  जब से पीएम मोदी ने 500 और 1000 के पुराने नोट बंद किया है.  तब से कुछ ज्यादा ही हर पेमेंट कार्ड के द्वारा ही कर रहे है.  इस समय बैंक और एटीएम में लंबी कतारे लगी हुई है. जिसके कारण यही एक रास्ता है. लेकिन आपको एक बात नहीं पता होगी कि आपकी एक गलती आपको कंगाल कर सकती है. जी हां! सिर्फ 6 सेंकड में आपका क्रेडिट या डेबिट कार्ट की संख्या, कोड सहित हर चीज हैक हो सकती है.

हैकिंग की कई सारी घटनाएं सामने आने पर कुछ साइंटिस्‍ट ने अपना मत रखा और कहा कि इस प्रक्रिया में हैकर्स को मात्र 6 सेकेंड का समय लगता है जिसमें वह कस्‍टमर के कार्ड की संख्‍या, सीवी संख्‍या और अन्‍य जानकारियों को हासिल कर लेता है.  इतने ही समय में उसे सिक्‍योरिटी कोड का पता भी चल जाता है.

स्वचालित रूप से और प्रणाली के जरिये कार्ड की सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न तरह की जानकारी इकटठा करके और विभिन्न वेबसाइटों पर इन जानकारियों को डालकर कुछ सेकेण्ड के भीतर ही हैकर सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक आंकड़े जुटा सकते हैं.

अनुसंधानकर्ताओं का मानना है कि अनुमान लगाकर हमला करने के इस तरीके का उपयोग हाल ही के टेस्को साइबर हमले में किया गया.  न्यूकासल की टीम का मानना है कि अगर आपके पास एक लैपटॉप और इंटरनेट कनेक्शन है तो यह काम बहुत ही आसान है.

न्यूकासल विश्वविद्यालय के पीएचडी के छात्र मोहम्मद अली ने कहा, इस तरह के हमले से दो कमजोरियों का पता लगता है जो अपने आप में बहुत गंभीर नहीं हैं लेकिन दोनों का इस्तेमाल अगर एकसाथ किया जाए तो वे पूरे भुगतान प्रणाली के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं.

अली ने कहा, वर्तमान भुगतान प्रणाली विभिन्न वेबसाइटों के जरिये किये जाने वाले भुगतान के कई अमान्य अनुरोधों का पता नहीं लगा पाती है.

एक अध्ययन के मुताबिक चूंकि वर्तमान ऑनलाइन प्रणाली में विभिन्न वेबसाइटों के जरिये एक ही कार्ड के लिए कई अमान्य भुगतान अनुरोध को समझने की क्षमता नहीं है इसलिए कई वेबसाइटों के जरिये अनगिनत अनुरोध किये जा सकते हैं.  हालांकि दल ने यह पाया कि केवल वीजा नेटवर्क ही संवेदनशील है.

व्हाट्सऐप के मैसेज चुरा सकते हैं आपकी निजी जानकारी

अगर व्हाट्सऐप मैसेज के द्वारा आपको फ्री रिचार्ज या आपके अकाउंट में कुछ रुपये आने की बात कही जाती है, तो ऐसे में सोचने वाली बात ये है कि कोई भी आपको मुफ्त सुविधा क्यों देगा.

भारत ही नहीं बल्कि देशभर के लोग व्हाट्सऐप का उपयोग करते हैं ताकि वे अपने दोस्तों और परिवारजनों से, कभी भी और कहीं से भी संपर्क में रह सकें. ‘व्हाट्सऐप’ के जरिए उपयोगकर्ता ना केवल टेक्स्ट संदेश बल्कि औडियो, छवि, वीडियो तथा अपनी लोकेशन भी बेहद ही आसानी भेज सकता है. ऐसा माना जाता है कि व्हाट्सऐप मुफ्त, सरल, सुरक्षित, भरोसेमंद मेसेजिंग और कौलिंग प्रदान करता है. लेकिन हाल ही में देशभर में आ रहे डाटा चोरी की खबरों ने लोगो की नींद उड़ा दी है. अब इस तरह की चीजें ‘व्हाट्सऐप’ पर भी अपना सवालिया निशान लगा रहे हैं. अगर आपको ‘व्हाट्सऐप’ पर फ्री रिचार्ज या लौटरी जीतने जैसे मैसेज मिल रहे हैं तो सावधान हो जाइये, क्योंकि ये आपकी निजी जानकारी चुरा सकते हैं.

दरअसल, व्हाट्सऐप पर एक बहुत बड़ा ग्रुप यूजर्स की जानकारी एकत्रित करने के लिए काम करता है. ये ग्रुप आपके व्हाट्सऐप पर कई तरह के लुभावने मैसेज भेजते रहते हैं, जिनके चक्कर में आकर आप इन पर क्लिक कर देते हैं और आपको इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं होता कि आप केवल एक क्लिक नहीं कर रहे हैं बल्कि अपने फोन की जानकारी उन ग्रुपों से साझा कर रहे हैं. इसलिए अब आप थोड़ा सावधान हो जाइये और अगर आपको इस तरह का कोई भी लुभावना मैसेज दिखे तो पहले इन बातों पर गौर करें-

कोई भी सुविधा मुफ्त नहीं होती

सबसे पहले तो समझने वाली बात ये है कि कोई भी सुविधा मुफ्त नहीं होती. अगर व्हाट्सऐप मैसेज के द्वारा आपको फ्री रिचार्ज या आपके अकाउंट में कुछ रुपये आने की बात कही जाती है, तो ऐसे में सोचने वाली बात ये है कि कोई भी आपको मुफ्त सुविधा क्यों देगा. दरअसल इस तरह के मैसेज के पीछे आपके फोन की जानकारी लेना ही उनका मकसद होता है.

कैसे ली जाती है जानकारी

आपने ने देखा होगा कि अक्सर व्हाट्सऐप पर इस तरह के मैसेज के नीचे कोई लिंक दिया होता है. जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करेंगे आपके मोबाइल का ब्राउसर खुल जाएगा और आप किसी वेबसाइट पर पहुंच जाएंगे. वेबसाइट पर आपको एक फौर्म भरने के लिए मिलेगा, जिसके बहाने से आपका नाम, पता, ई मेल आइडी या मोबाइल नंबर मांग लिया जाएगा. इन जानकारी को जैसे ही आप भरेंगे, आपके मेल या मोबाइल पर कई कंपनियों के विज्ञापन आने लगेंगे. ये भी हो सकता है कि आपके द्वारा दी गई जानकारी का गलत इस्तेमाल किया जाए.

लिंक के जरिए डाउनलोड किये गए ऐप से खतरा

व्हाट्सऐप पर दिए गए लिंक कई बार आपके मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड कर देते हैं. ये ऐप आपके और आपके फोन के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि जैसे ही आप फोन पर डाउनलोड किये गए उस ऐप को खोलेंगे ऐप आपके फोन के कुछ फीचर को एक्सेस करने की इजाजत मांगेगा. जैसे ही आप ऐप को इजाजत देंगे, वह आपके फोन की कई जानकारियों को एक्सेस करने लगेगा और जब तक आप उस ऐप को डिलीट करेंगे तब तक वह आपके फोन की कई जानकारी प्राप्त कर चुका होगा.

क्यों आते हैं ये मैसेज

व्हाट्सऐप पर इस तरह के मैसेज आने का दो ही कारण हो सकता है. या तो इस तरह के मैसेज विज्ञापनों को बढ़ावा देने के लिए आते हैं, या फिर यूजर की जानकारी इकट्ठा करने के लिए. इसलिए जितना हो सके इस तरह के मैसेज से बच कर रहें, क्योंकि इस काम के लिए एक कंपनी नहीं कई कंपनियां मिलकर काम करती हैं. ऐसे में आपकी और आपके फोन की जानकारी का गलत इस्तेमाल भी हो सकता है.

क्या करें?

जब भी आपको ऐसा मैसेज व्हाट्सऐप पर दिखे, उसे बिलकुल न खोलें. नंबर को रिपोर्ट करें या सीधे ब्लौक कर दें. हो सके तो अपने व्हाट्सऐप की सिक्योरिटी और प्राइवेसी और बढ़ा दें.

पासवर्ड भूलने पर भी सिर्फ 10 सेकंड में होगा फ़ोन अनलॉक : जाने कैसे

हम सभी फोन की सुरक्षा के लिए उसके होम स्क्रीन पर पासवर्ड का इस्तेमाल करते हैं. हो सकता है कि हम फोन का पासवर्ड भूल जाए और उसे अनलौक करने में काफी समस्या आए.

हम अपने फोन की सुरक्षा के लिए उसके होम स्क्रीन पर पासवर्ड का इस्तेमाल करते हैं. आजकल फेस अनलौक का भी इस्तेमाल खूब हो रहा है. एक्सपर्ट का मानना है कि पिन या पैटर्न दोनों पासवर्ड कठिन होना चाहिए ताकि कोई आपके फोन को आसानी से अनलौक ना कर सके. ऐसे में हो सकता है कि हम फोन का पासवर्ड भूल भी जाए, ऐसे में फोन को अनलौक करने में काफी समस्या आ सकती है. तो चलिए आज हम आपको लौक एंड्रायड स्मार्टफोन को अनलौक करने का तरीका बताते हैं.

सबसे पहले किसी दूसरे फोन या कंप्यूटर से https://myaccount.google.com/find-your-phone-guide यूआरएल टाइप करें और फिर ओके करें. इसके बाद अपनी उस जीमेल अकाउंट से लौगिन करें तो आपके उस फोन में है जिसका आप लौक खोलना चाहते हैं.

लौगिन करने के बाद आपके उन सभी स्मार्टफोन की लिस्ट मिल जाएगी जिनमें आपका जीमेल अकाउंट लौगिन है. इसके बाद उस फोन को सेलेक्ट करें जिसे आप अनलौक करना चाहते हैं या लौक खोलना चाहते हैं.

अब आपकी स्क्रीन पर लौक योर फोन का विकल्प मिलेगा. उस पर क्लिक करें और अब नया पासवर्ड पिन या पैटर्न के रूप में डालें. इसके बाद आपके स्मार्टफोन की होम स्क्रीन का पासवर्ड बदल जाएगा और आपका फोन अनलौक हो जाएगा. हालांकि इस तरीके के लिए जिस फोन को अनलौक करना है उसमें इंटरनेट का कनेक्शन होना जरूरी है.

दूसरा तरीका गूगल असिस्टेंट की मदद से है. अगर आपने अपना गूगल असिस्टेंट पहले से सेट किया है और अपनी वायस रिकौर्ड की है और साथ ही ‘Unlock with voice’ के विकल्प पर क्लिक किया है तो आप सिर्फ ‘Ok Google’ कहकर अपना स्मार्टफोन अनलौक कर सकते हैं.